समंदर बना रनवे: पायलट की सूझबूझ से टला बड़ा हेलीकॉप्टर हादसा

संजीव पॉल
संजीव पॉल

अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में आज सुबह एक बड़ा हादसा टल गया। Port Blair से Mayabunder जा रहा Pawan Hans का हेलीकॉप्टर उड़ान भरते ही तकनीकी खराबी का शिकार हो गया।
जैसे ही पायलट को सिस्टम में गड़बड़ी का संकेत मिला, उन्होंने तेजी से फैसला लिया और हेलीकॉप्टर को आबादी वाले इलाके से दूर अंडमान सागर में नियंत्रित तरीके से उतार दिया।

अगर निर्णय में कुछ सेकंड की भी देरी होती, तो तस्वीर बिल्कुल अलग हो सकती थी।

समंदर में शॉर्ट लैंडिंग, सभी सुरक्षित

हेलीकॉप्टर में कुल 7 लोग सवार थे, जिनमें 5 यात्री और 2 क्रू मेंबर शामिल थे। राहत की बात यह रही कि तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया गया और सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। मायाबंदर के डॉ. आरपी अस्पताल में भर्ती सभी यात्रियों की हालत अब स्थिर बताई जा रही है। पायलट भी पूरी तरह सुरक्षित हैं।

यात्रियों की पहचान रजिता देवी और उनका बच्चा, कमल चौधरी दास, शिप्रा साहा और नम्बी अम्मा के रूप में हुई है। सभी को प्राथमिक उपचार के बाद निगरानी में रखा गया है।

पायलट की सूझबूझ बनी असली हीरो

जहां तकनीकी खराबी ने खतरे की घंटी बजाई, वहीं पायलटों की सूझबूझ ने स्थिति को संभाल लिया। उन्होंने हेलीकॉप्टर को भीड़भाड़ वाले क्षेत्र में उतारने के बजाय पानी में नियंत्रित लैंडिंग कर बड़ा नुकसान टाल दिया।

कई बार aviation safety की असली परीक्षा मशीन नहीं, इंसान पास करता है।

Pawan Hans का आधिकारिक बयान

कंपनी के प्रवक्ता ने पुष्टि की कि सभी सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन किया गया था। सुबह करीब 9:30 बजे यह शॉर्ट लैंडिंग की घटना मायाबंदर के पास हुई। कोई गंभीर चोट या जनहानि नहीं हुई है। अब जांच की जा रही है कि तकनीकी खराबी की असली वजह क्या थी।

Aviation industry में एक छोटी सी तकनीकी चूक भी बड़ी खबर बन जाती है, लेकिन आज राहत इस बात की है कि खबर में दुख नहीं, साहस और सतर्कता की कहानी है।

संकट आया, सिस्टम नहीं गिरा

यह घटना याद दिलाती है कि टेक्नोलॉजी कितनी भी एडवांस हो जाए, अंतिम सुरक्षा लाइन इंसानी निर्णय ही होता है। आज अंडमान सागर ने एक संभावित त्रासदी को सिर्फ एक “इमरजेंसी लैंडिंग” की खबर बनकर सीमित कर दिया।

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